एक तेरी आवाज के जरिए देश की पांच उम्दा गायिकाओं ने किया लता जी को याद।


मुंबई, देश की अमर गायिका राष्ट्र पुत्री, भारत रत्न, भारत की गौरव लता दीदी जो आज सरस्वती मां तुल्य बन गई है। इनके जन्मदिन पर लोगों ने इन्हें अलग-अलग तरह से याद किया। देश की ख्यातिप्राप्त गायिकाओं आरती मुखर्जी, अनुराधा पौडवाल, साधना सरगम, अनुपमा देशपांडे, शोमा बनर्जी ने एक खूबसूरत गीत एक तेरी आवाज के जरिए लता मंगेशकर को याद किया। ओमा द अक्क द्वारा निर्मित इस गीत को लिखा आध्यात्मिक गुरु ओमा द अक्क् ने है। जबकि संगीतबद्ध शोमा बनर्जी ने किया। इस गीत के सह निर्माता मोहित अग्रवाल व संजय गुप्ता है इस गीत को कृतिका देसाई के अभिनय एवं वसुंधरा शर्मा के नृत्य ने ओर भी खूबसूरत बना दिया। इस गीत का निर्देशन भी गुरु ओमा द अक्क ने किया, यहां हम आपको बता दे कि अक् विगत दो दशकों से लता जी का जन्मदिन मना रहा है।
ये सदा से जड़-परंपरा के विरोधी तथा सनातन सिद्धांत के अनुगामी रहें है।इनकी यही आध्यात्मिकता इन्हें अनेक अवसरों पर अपने को सनातन-सौन्दर्य के साथ प्रगट करने को बाध्य करती रही है, बिना किसी बनावट या आडम्बर के ये अपने चैतन्य कार्य में लीन रहते है, इन्होनें कभी किसी परंपरा से वैराग्य नहीं लिया, किन्तु इन्हें जानने वाले इनके ‘‘वीतरागी-स्वभाव’’ से भली-भाँति परिचित है, यह ज्योतिष, तंत्र, मंत्र तथा ध्यान से अपने आस-पास आने वाले हर व्यक्ति को लाभान्वित करने में प्रयासरत रहते है, किन्तु इनके सानिध्य का सबसे बड़ा लाभ है इनकी अद्भुत व नितनवीन वैचारिक शक्ति जो किसी की भी चेतना में आध्यात्मिकता का संचार कर सकती है। इनकी यही आध्यात्मिक-अभिव्यक्ति की ऊर्जावान-कला इनकी कविताओं, नज्म़ों, गज़लों, लेखों, कार्यक्रमों, भाषणों तथा वक्तव्यों के अतिरिक्त सामान्य वार्तालाप में भी प्रदर्शित होती है।
आध्यात्म मूर्ति ओेमा द अक् ने अब तक सनातन धर्म के प्रसार हेतु, राष्ट्रीय हित व संवेदनशील साहित्य – कला के प्रति जनजागृति हेतु अनेकानेक अभियानो की शुरुआत की है और अत्यंत कुशलता से संचालित भी किया है जिनमे “हम भारत हैं” अभियान, “चरित्र यात्रा”, “चरित्र निर्माण दिवस” ;22 सितंबरद्ध, “शाकाहार प्रचार”,
“लव एक्सप्लोजन”, “भारत अगेंस्ट एब्यूज”, “मातृभाषा अभियान”, “मंदिर चलो अभियान”, तथा अनेक कार्यक्रम जिनमें “चिराग़ -ए -दैर अवार्ड” “कैरेक्टर ट्री अवार्ड”, “मधुबाला एलिगेंट ब्यूटी अवार्ड” शामिल हैं, द अक् ने देश के अनेक हिस्सों में धार्मिक,आध्यात्मिक,सामाजिक,साहित्यिक, राजनीतिक, तथा कला के क्षेत्र में अनेक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए और कइयों के मुख्य अतिथि रहे हैं।

इस गीत को मुंबई के द क्लब में लता जी की जयंती के मौके पर रिलीज किया गया। इस मौके पर शोमा बनर्जी ने बताया कि जब इस गीत को बनाने का काम मुझे मिला तो मैं थोड़ी नर्वस थी मगर जब मैंने इसके लिए अपनी सभी साथी गायिकाओं से बात की तो उन्होंने बिना किसी न नूकर के तुरंत हां कर दी। बस वहीं मुझे बल मिला और मैं इस गीत को अच्छे से बना पाई। इसमें मुझे पहली बार संगीतकार की भूमिका भी निभाने का सौभाग्य मिला। जिसके लिए मुझे सुधाकर शर्मा जी ने भी सपोर्ट किया। जिन लोगों ने भी लता जी को ट्रिब्यूट देते हुए इस गीत को बनाने में मेरा साथ दिया मैं उनकी आभारी हूं।

इस मौके पर अनिल काशी मुरारका ने कहा कि मैं लता जी से मिलना चाहता था, मैने कई बार कोशिश भी की मगर मुझे सफलता नही मिली, मगर आज उनके जन्मदिन पर इस गीत को प्रमोट करने का को सौभाग्य मुझे मिला है मैं उसके लिए ओमा द अक्क और शोमा जी का आभारी हूं।
इस मौके पर गीतकार सुधाकर शर्मा ने भी लता जी के बारे में कई अनकही कहानियां बताते हुए उनकी महानता को बताया।

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Author: VS NATION