पांच दशकों तक सिनेमाई दुनिया पर राज करने वाली आशा पारिख हुई 80 की, मिली पत्रकारों से।


मुंबई, आज देश की लोकप्रिय अभिनेत्री आशा पारिख, जो अपने जमाने में खूबसूरती का पर्याय थी, कई दशकों तक इनके अभिनय के लोग कायल रहे, या यू कहे कई दशकों तक इन्होंने फिल्मों में राज किया। सफलता की गारंटी मानी जाने वाली हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख जी का जन्मदिन आज अंधेरी पश्चिम स्थित डीएन नगर, द क्लब में मनाया गया, ये आयोजन समाज सेवक अनिल काशी मुरारका की और से किया गया, यहां मुरारका ने आशा जी का सम्मान करते हुए उनका une se आशीर्वाद भी लिया। यहां एक लंबे समय बाद आशा जी पत्रकारों के समक्ष भी उपस्थित हुई और बड़ी ही सादगी के साथ सभी के सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर आशा जी की पूरी फैमिली भी उपस्थित थी आशा जी ने उनका परिचय भी कराया। इस मौके पर जहां गायिका शोमा बनर्जी ने एक गीत गया वहीं आशा जी भाई ने भी एक गीत गया।

*अब फिल्मे नही करना चाहती*
अपनी इस मुलाकात में आशा जी ने स्पष्ट किया कि वे अब फिल्मों, धारावाहिकों या फिर वेब सीरीज में काम नहीं करना चाहती, उन्होंने बहुत काम किया है और वो अपने जर्नी, करियर से खुश है संतुष्ट है।
आज फिल्म सिर्फ चार दिन में ही दम तोड देती हैं जबकि पहले फिल्म सिल्वर, गोल्डन, डायमंड जुबली होती थी। इस पर आशा जी ने कहा कि पहले फिल्मों की संख्या कम होती थी अब ये संख्या बहुत अधिक होने के कारण भी फिल्में अब इतनी नही चलती।

*आज के गीत संगीत डांस मुझे नहीं पसंद*
आज के संगीत पर आशा जी बोली कि आज गानों के बोल इतने अच्छे नहीं लिखे जा रहे, इस पर संगीत के नाम पर शोर जायदा सुनाई देता है, डांस भी मुझे अच्छे नहीं लगते। आशा जी को पुराने गानों के रीमिक्स भी नही पसंद।
*क्यूं नही की दिलीप साहब के साथ कोई फिल्म*
एक प्रश्न कि आप ने उस जमाने के सभी हीरोज के साथ काम किया लेकिन दिलीप साहब के साथ कोई फिल्म नहीं की? ऐसी कोई खास वजह नही, मैं करना चाहती थी इसी लिए दिलीप साहब के साथ एक फिल्म जबरदस्त होने वाली थी मगर वह किन्ही कारणों से बनी नही।

यहां हम आप को बता दे कि आशा जी ने अपनी खूबसूरती के साथ हिंदी फिल्मों में दमदार किरदारों से अपने अभिनय का लोहा मनवाया। आशा जी ने बतौर बाल कलाकार 1951 से ही काम करना शुरू किया था। बाल कलाकार के रूप में जब इन्हें बेबी आशा नाम से दुनिया पहचानने लगी थी तब इन्होंने मां, आसमान,धोबी डॉक्टर, श्री चैतन्य महाप्रभु, बाप बेटी, अयोध्यापति, उस्ताद, आदि फिल्मों से अपनी पहचान बनाई और फिर मात्र 17 वर्ष की उम्र में आशा जी ने दिल देके देखो से बतौर हीरोइन अपना करियर शुरू किया। उसके बाद आशा जी 1999 तक फिल्मों में सक्रिय रही। 1992 में इन्हें सिनेमा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है। और अब इस वर्ष आशा पारेख को भारत के सबसे बड़े अवार्ड दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया है। और भी आशा जी ने क्या क्या खुलासे किए ये जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

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Author: VS NATION