मैच्योरिटी का भुगतान किसी दूसरे के अकाउंट में करने और असल पॉलिसीधारक को परेशान करने पर भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड के खिलाफ न्यायालय ने किया आदेश, 45 दिन में करना होगा भुगतान।

सीकर, आज दिनांक 26 4 2023 को न्यायालय स्थाई लोक अदालत सीकर द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम सीकर के खिलाफ आदेश पारित किया गया। उक्त प्रकरण में परिवादी खंडेला निवासी बसंत कुमार सैनी ने एक याचिका न्यायालय में पेश की की उसका भुगतान नहीं किए जाने को लेकर न्यायालय में पेश किया गया था। प्रकरण 10 अगस्त 2021 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था परिवादी की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट बलदेव सिंह खंडेला ने बताया कि परिवादी द्वारा समय-समय पर किस दिए जाने के बावजूद जब पॉलिसी मैच्योर हुई तो भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा बार बार चक्कर काटने के बावजूद भी पैसे नहीं दिए गए और जब पैसे डाले गए तो किसी अन्य के खाते में पैसे डाल दिए गए उसके बावजूद परिवादी एलआईसी के कार्यालय में चक्कर काटता रहा उसका भुगतान नहीं किया गया आज माननीय न्यायालय स्थाई लोक अदालत सीकर द्वारा यह निर्णय पारित किया गया है एलआईसी परिवादी को तुरंत उसकी जमा राशि 179340 रुपए का भुगतान करें। साथ ही परिवादी को हुए मानसिक संताप बेटे ₹5000 अलग से अदा करें एवं परिवाद व्यय पेटे ₹3000 का भुगतान शीघ्र करें । अगर भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 45 दिन में उक्त 179340 व 8000 राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो परिवादी याचिका प्रस्तुत करने से लेकर 9 पर्सेंट ब्याज का और अधिकारी होगा जिसमें भारतीय जीवन बीमा निगम जिम्मेदार होगा।परिवादी की के अधिवक्ता बलदेव सिंह खण्डेला, एलआईसी की ओर से महेश मिश्रा ने पैरवी की बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से पैरवी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने की । *एडवोकेट बलदेव सिंह खंडेला अधिवक्ता परिवादी बसंत कुमार सैनी* प्रकरण संख्या 104/2021

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Author: VS NATION